[Top 3] चिड़िया की कहानी नैतिक शिक्षा के साथ | Bird Story in Hindi For Kids

क्या आप भी स्कूल में पढ़ते हैं क्या आपको भी कहानी सुनना अच्छा लगता है| क्या आप भी चिड़िया की कहानी के बारे में पढ़ना चाहते हैं। आज हम आपको चिड़िया की अच्छी अच्छी कहानियों के बारे में बताएंगे| तो चलो अब हम चिड़िया की कहानी शुरू करते हैं।

सुनेहरी चिड़िया की कहानी (Sunehree Chidiya Ki Kahani)

एक बार की बात है एक जंगल में एक सुनहरी चिड़िया रहा करती थी| वह बड़ा ही मीठा गीत गाती थी| जब भी वह चिड़िया गीत गाती थी उसकी चोंच से चमकदार मोती नीचे गिरते थे। एक दिन चिड़िया पर एक बहेलिया की नजर गिरी उसने देखा कि जब चिड़िया गा रही है तो उसकी चोंच से मोती नीचे गिर रहे हैं| तो बहेलिया ने उस चिड़िया को पकड़ लिया और उसे अपने साथ अपने घर ले गया| 

उस बहेलिया ने उस चिड़िया को अपने घर पर सोने के पिंजरे में रखा| वह बहेलिया उस चिड़िया को अच्छा खाना देता था लेकिन फिर भी चिड़िया बहुत दुखी रहती थी क्योंकि चिड़िया को आजादी पसंद थी| चिड़िया को पिंजरे में रहने की आदत नहीं थी| जिसकी वजह से चिड़िया बहुत ज्यादा दुखी हो गए थी और वह गाना भी नहीं गाती थी और बहेलिया को मोती भी नहीं मिला मिल रहे थे|

बहेलिया चिड़िया से परेशान हो गया अब वह बेलिया चिड़िया से छुटकारा पाना चाहता था| तो उसने चिड़िया से छुटकारा पाने के लिए चिड़िया को राजकुमार को तोहफे के तौर पर भेंट कर दिया। उस बहेलिया से चिड़िया को लेकर राजकुमार ने राजकुमारी को दे दिया| चिड़िया को देखकर खुश हो गई| राजकुमारी बहुत ही दयालु थी| उसने चिड़िया को अपने पास पिंजरे में नहीं रखा बल्कि उस ने चिड़िया को आज़ाद छोड़ दिया| जिसके फलस्वरूप चिड़िया खुश हो गई और उसके कमरे के अंदर गाना गाने लगी| जैसे ही चिड़िया ने गाना शुरू करा उसकी चोंच से चमकदार मोती नीचे गिरने लगे| उस दिन से चिड़िया हर रोज राजकुमारी से मिलने आती और उसके सामने गाना गाती थी और रोज उसके कमरे में मोती गिरते थे। चिड़िया राजकुमारी से बहुत ज्यादा खुश थी इसलिए ही है वह राजकुमारी के कमरे में रोजाना आती थी और उसे तोहफे के तौर पर गाना गाकर राजकुमारी को मोती देती थी।

किसान और चिड़िया की कहानी (Kisan or Chidiya Ki Kahani)

एक गांव में एक किसान रहता था| उस किसान का गांव से बाहर थोड़ी दूरी पर अपना खुद का एक खेत था| एक बार की बात है कि फसल बोने के कुछ दिन बाद ही वहां पर एक चिड़िया ने घोंसला बना लिया था| समय बीता और चिड़िया ने दो अंडे भी दे दिए और उन अंडों से दो छोटे-छोटे बच्चे बच्चे निकल आए जो बड़े हो गए और बड़े होने के बाद बहुत ही मजे से उस खेत में अपना समय गुजारने लगे थे| 

कुछ महीनों के बाद फसल की कटाई का समय आ गया था| उस दिन किसान अपने खेत में आया उसने देखा कि उसकी फसल कटने लायक हो गई है तो उसने सोचा कि कल मैं अपने किसी पड़ोसी को बोलता हूं कि खेत में आकर कल फसल की कटाई कर देगा| यह बात चिड़िया के दोनों बच्चों ने सुन ली और उन्होंने जाकर अपनी मां को बताया की आज खेत में किसान आया था और वह फसल काटने के लिए बोल रहा था| कल कोई उसका पड़ोसी यहां आकर फसल काट देगा| हमें यहां से अब चले जाना चाहिए आज यहाँ हमारा अंतिम दिन है| बच्चों की बात सुनकर चिड़िया ने बोला कि अभी हमें यहां से जाने की जरूरत नहीं है कल फसल नहीं कटेगी| अभी हम यहीं रहेंगे| यह बात सुनकर चिड़िया के बच्चे हो गए और अपनी मां की ओर देखने लगे|

अगला दिन हुआ सुबह हुई और बच्चे घबराए हुए थे कि आज उनका घोंसला टूट जाएगा और वे घर से बेघर हो जाएंगे| परंतु सुबह से दोपहर हुई दोपहर हुई ना खेत में किसान आया और ना उसका कोई पड़ोसी जिसने फसल काटने थी| फिर थोड़ा समय बीता और शाम हो गई| किसान खेत में आया उसने देखा कि उसकी फसल पहले की तरह ही खड़ी है| उसका पड़ोसी फसल काटने के लिए नहीं आया है| किसान यह देख कर बड़बड़ाने लगा और बोलै मैं अपने किसी रिश्तेदार को बोलता हूं कि वह कल आकर यहां पर फसल की कटाई कर देगा| बच्चों ने फिर से सारी बात सुन ली और अपनी माँ चिड़िया को बताई| बच्चों की मां बोली कि अभी हमें कहीं जाने की जरूरत नहीं है कल भी फसल नहीं कटेगी अभी हम यहीं पर रहेंगे तो मां की बात सुनकर बच्चे चिंतित हो गए| 

अगला दिन हुआ सुबह से दोपहर हुई और कोई रिश्तेदार नहीं आया शाम को किसान खेत में आया और उसने देखा कि उसकी फसल वैसे की वैसी ही खड़ी है| उसका कोई भी रिश्तेदार फसल काटने के लिए नहीं आया है तो यह देखकर किसान फिर से बड़बड़ाने लगा और उसने बोला कि बुलाने पर भी कोई फसल काटने नहीं आया है| तो चलो अब मैं खुद ही कल अपनी फसल को काट दूंगा| यह बात सुनकर बच्चे फिर से डर गए और उन्होंने यह बात जाकर अपनी मां को बताई| यह बात सुनकर चिड़िया ने बोला कि चलो बच्चों अब हमारा जाने का समय आ गया है तो बच्चे अपनी मां के मुंह को देखने लगे और हैरान हो गए| तब चिड़िया ने बोलै कि आज हमारा समय आ गया है हमे अब यहाँ से जाना होगा| 

फिर बच्चों ने अपनी माँ को को बोलै कि यह बात तो किसान पिछले 2 दिनों से बोल रहा है तो आज भी नहीं फसल कटेगी| हम यहाँ रहेंगे| चिड़िया बच्चों की और मुस्कुराते हुए बोली कि किसान अपनी फसल काटने का काम किसी और को देकर अपने काम से पल्ला झाड़ रहा था| परंतु इस बार किसान अपना काम खुद करेगा और अपनी फसल काटेगा तो अब हमे चलना होगा| चिड़िया के बच्चे अपनी मां की बात को समझ गए और उसी रात चिड़िया अपने बच्चों के साथ वहां से उड़कर किसी दूसरी जगह पर चली गई।

कहानी से शिक्षा

इस कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है कि जब तक किसान अपना काम करवाने के लिए दूसरों पर निर्भर रहा तब तक उसका काम नहीं हुआ था| लेकिन जैसे ही किसान ने अपना खुद का काम करने की ठान ली और फसल काटने का सोचा तो चिड़िया ने अपने बच्चों को बोला कि अब किसान अपना खुद का काम करेगा तो अब हम यहां से दूसरे जगह पर जाना ही पड़ेगा इसलिए हमें अपना काम दूसरों के भरोसे की बजाय खुद ही करने पर जोर देना चाहिए।

कौआ और चिड़िया की कहानी | Kauwa Aur Chidiya Ki Kahani

एक बार की बात है एक गांव में एक नन्ही चिड़िया रहती थी जो एक घोसले मे रहती थी| एक दिन वहां पर एक कौआ आया वह घोसले के पास आकर बैठ गया और वह चिड़िया के साथ बातें करने लगा| बातें करते करते ही दोनों में मित्रता हो गई और वह कौआ रोज चिड़िया के घोसले के पास आने लगा| उन दोनों में इतनी गहरी मित्रता हो गई थी कि बड़ी देर तक बातें करते रहते थे| यहां तक कि वह भोजन की खोज में भी साथ-साथ जाने लग गए थे| 

एक दिन क्या हुआ कि कौआ और चिड़िया भोजन की खोज में साथ में निकल गए| खोज करते करते एक दूसरे गांव में पहुंच गए| वहां कौवे की नजर एक घर में बिछी हुई चटाई पर पड़ी जिसके ऊपर लाल मिर्च पड़ी थी| कौवे ने चिड़िया को बोला देखो लाल मिर्च चलो हम जाकर उसे खाते हैं| चिड़िया उसकी बात मान गई और वह दोनों उड़कर चटाई के ऊपर जाकर बैठ गए| जैसे ही चिड़िया लाल मिर्च खाने लगी कौआ ने चिड़िया को रोक दिया और बोला चलो अब हम शर्त लगाते हैं| देखते हैं कौन ज्यादा मिर्च खाता है| चिड़िया शर्त के लिए मान जाती है| फिर कौआ बोलता है कि जो ज्यादा मिर्च खाएगा वह जीत जाएगा और जो जीतेगा वह दूसरे को खा जाएगा| 

चिड़िया को लगा कि कौआ मज़ाक कर रहा है| कौआ तो मेरा दोस्त है वह मेरे साथ ऐसा नहीं करेगा| यह सोच कर चिड़िया शर्त के लिए मान गई और उसने हां कर दी| अब दोनों ने लाल मिर्च खाना शुरु कर दिया| चिड़िया इमानदारी से शर्त निभा रही थी और इमानदारी से लाल मिर्च खा रही थी| परंतु कौआ के दिल में बेईमानी आ गई| वह चिड़िया से आंख छुपाकर कुछ मिर्च चटाई के नीचे छुपाने लगा ऐसे करते-करते आखिर में कौआ जीत गया और चिल्लाने लगा| मैं जीत गया, मैं जीत गया, मैं जीत गया जीत गया| 

अब मैं तुम्हें खा जाऊंगा यह बात सुनकर चिड़िया बहुत दुखी हो गई चिड़िया कौआ को अपना दोस्त समझती थी लेकिन आखिर में कौआ ने अपना रंग दिखा ही दिया| कौआ चिड़िया को खाने के लिए उतावला हो रहा था| जैसे ही कौआ चिड़िया को खाने लगा तो चिड़िया ने कौआ को बोलै अगर तुम मुझे खाना चाहते हो तो तुम पहले अपनी चोंच धो कर आओ क्योंकि तुम अपनी चोंच से क्या-क्या खाते रहते हो| तुम्हारी चोंच बहुत गंदी है| कौआ चिड़िया की बात मन गया और वह छॉँह धोने के लिए नदी के किनारे पर चला गया| 

जैसे ही कौआ ने नदी से पानी मांगा तो नदी बोली कि तुम्हे मै अपना पानी देने को तैयार हूं परंतु उससे पहले तुम मटका लेकर आओ और उसमें जितना चाहे उतना पानी ले जाना| फिर कौआ उड़ता हुआ कुम्हार के घर गया और कुम्हार को बोला कि मेरे लिए एक मटका बना दो तो कुम्हार ने बोला मेरे पास मिटटी नहीं है तुम मेरे लिए मिट्टी लेकर आओ| कौआ वहां से उड़ा और एक खेत में पहुंच गया| जैसे ही कौआ खेत में अपनी चोट मारने लगा तो इतने में धरती बोली पूरी दुनिया जानती है कि तुम अपनों चोंच से गंदगी खाते हो| इसलिए मैं तुम्हें अपनी मिट्टी नहीं दूंगी| मैं तुम्हें अपनी मिट्टी पर चोट मारने की अनुमति नहीं दूंगी| अगर तुम मेरी मिट्टी चाहते हो तो कुदाल लेकर आओ| 

कौआ कुदाल लेने के लिए लोहार के पास गया और उसको बोला कि मेरे को कुदाल बना कर दो| तो लोहार ने कहा मै तुम्हे कुदाल बना कर दे दूंगा उससे पहले तुम मुझे आग ला कर दो। कौआ वहां से उड़ गया और पास में एक किसान के घर पर गया जहां पर उसकी बीवी घर पर खाना बना रही थी| कौआ उसके पास गया और बोला कि मुझे आज चाहिए| किसान की पत्नी ने जलते हुए चुल्ले से एक लकड़ी निकालकर कौवे की चोंच पर रख दी| देखते ही देखते वह आग कौवे के पंख तक पहुंच गई और कौआ जलकर भस्म हो गया| इस तरह अपने मित्र से छल करने वाले कौआ के प्राण पखेरू उड़ गए।

कहानी से शिक्षा

  • छल करने वाला कभी भी जीतता नहीं है और जीतने वाला कभी भी किसी के साथ छल नहीं करता है। 
  • छल करने वाले को अपने किए का फल अवश्य भुगतना पड़ता है।

Conclusion

उम्मीद करते हैं कि हमारे द्वारा शेयर करी गई चिड़िया की कहानियां आपको पसंद आई होगी| अगर इन कहानियों से संबंधित आपको कोई डाउट है या आप हमे कोई राय देना चाहते हैं तो हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं।

1 thought on “[Top 3] चिड़िया की कहानी नैतिक शिक्षा के साथ | Bird Story in Hindi For Kids”

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